पहले आप सब ये जान ले भारत मे 3600 कत्लखाने ऐसे हैं जिनके
पास गाय काटने का लाइसेन्स है ! इसके अलावा 36000 कत्लखाने गैर कानूनी चल
रहे हैं ! प्रति वर्ष ढाई करोड़ गायों का कत्ल किया जा रहा है। भारत में अखिल
भारतीय गौ सेवक संघ है और अहिंसा आर्मी ट्रस्ट दोनों ने सुप्रीम कोर्ट मे
मुक़द्दमा दाखिल किया और बाद मे पता चला की गुजरात सरकार भी मुक़द्दमे मे शामिल हो
गई ! कि गाय और गौ वंश की ह्त्या नहीं होनी चाहिए !
मुक़दमे में कसाईयों का कुतर्क !!
1) गाय जब बूढ़ी हो जाती है तो बचाने मे कोई लाभ नहीं उसे
कत्ल करके बेचना ही बढ़िया है! और हम भारत की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं
क्यूंकि गाय का मांस निर्यात कर रहे हैं।
2) भारत मे लोगो को रहने के लिए जमीन नहीं है गाय को कहाँ
रखें?
3) इससे विदेशी मुद्रा मिलती है।
4) और सबसे खतरनाक कुतर्क जो
कसाइयों की तरफ से दिया गया कि गाय की ह्त्या करना हमारे धर्म इस्लाम मे लिखा हुआ।
इन सब कुतर्को का तर्कपूर्वक जवाब दिया गया।
एक स्वस्थ गाय का वजन 3 से साढ़े तीन कवींटल होता
है उसे जब काटे तो उसमे से मात्र 70 किलो मांस निकलता है एक
किलो गाय का मांस जब भारत से निर्यात होता है तो उसकी कीमत है
लगभग 50 रुपए
! तो 70 किलो
का 50 से
गुना को ! 70 x 50 = 3500 रुपए। फिर हड्डियाँ निकलती है
वो भी 30-35 किलो हैं। जो 1000 -1200 के लगभग बिक जाती है। तो
कुल मिलकर एक गाय का जब कत्ल करे और मांस, हड्डियाँ
खून समेत बेचें तो सरकार को या कत्ल करने वाले कसाई को 5000 रुपए
से ज्यादा नहीं मिलता। और अगर इसको जिंदा रखे तो
कितना मिलेगा? तो
उसका कैल्क्यलैशन ये है
एक स्वस्थ गाय एक दिन मे 10 किलो गोबर देती है और ढाई
से 3 लीटर
मूत्र देती है। गाय के गोबर से fertilizer (खाद) बनती है !जिसे organic
खाद
कहते हैं। वैज्ञानिको ने कहा की इसमें 18 micronutrients (पोषक तत्व )है। जो सभी खेत की मिट्टी को चाहिए जैसे मैगनीज
है,फोस्फोरस है,पोटाशियम है, कैल्शियम,आयरन,कोबाल्ट, सिलिकोन आदि | गाय का खाद रासायनिक खाद
से 10 गुना
ज्यादा ताकतवर है।
अब बात करते हैं मूत्र की रोज का 2 - सवा दो लीटर और इससे
ओषधियाँ बनती है। डाइअबीटीज़,की ओषधि बनती है ! आर्थ्राइटस,की ओषधि बनती है | ब्रांगकाइटस, टबर्क्यलोसिस, ऐसे 48 रोगो की ओषधियाँ बनती है।
अमेरिका में गौ मूत्र पैटन्ट हैं ! और अमरीकी सरकार हर
साल भारत से गाय का मूत्र इम्पॉर्ट करती है और उससे कैंसर की
मेडिसन बनाते हैं। गाय के गोबर
और मूत्र की बात छोड़ दें तो जो सबसे विषेश है वो है गाय का दुध जो की सबसे ज्यादा
मूल्यवान है जिससे कई प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाए जाते है। और रही बात गाय का
कत्ल करना हमारा धार्मिक अधिकार तो पुराने दस्तावेज़ जब निकाले गए तो उससे पता चला
कि भारत मे जितने भी मुस्लिम राजा हुए एक ने भी गाय का कत्ल नहीं किया ! इसके
उल्टा कुछ राजाओ ने गायों के कत्ल के खिलाफ कानून बनाए ! इस्लाम की कोई भी धार्मिक
पुस्तक मे नहीं लिखा है की गाय का कत्ल करो। और अंत में सारी दलिलैं के बाद कोर्ट का जज्मन्ट आ गया। ये 61 पनने
का जज्मन्ट है
जिसे आप http://judis.nic.in, supremecourtcaselaw.com
को
लिंक पे जाकर आप देख सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा की
गाय को काटना सांविधानिक पाप है धार्मिक पाप है ! और सुप्रीम कोर्ट ने कहा गौ
रक्षा करना,सर्वंधन
करना देश के प्रत्येक नागरिक का सांविधानिक कर्त्तव्य है ! सरकार का तो है ही
नागरिकों का भी सांविधानिक कर्तव्य है ! अब तक जो संविधानिक कर्तव्य थे जैसे , संविधान का पालन करना ,राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान
करना ,क्रांतिकारियों
का समान करना ,देश
की एकता, अखंडता
को बनाए रखना आदि आदि अब इसमे गौ की रक्षा करना भी जुड़ गया है। बावजूद इसके गौ
हत्या को टालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा की भारत की राज्यों की सरकार की जिम्मेदारी
है की वो गाय का कत्ल आपने आपने राज्य में बंद कराये और किसी राज्य में गाय का कत्ल
होता है तो उस राज्य के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।
Excellent Post, It’s really helpful article
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